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आंखों में धुंधलेपन का कारण और इसको दूर करने का उपाय।

नमस्कार दोस्तों! हेल्दी भारत में आज मैं आपको बताऊंगी कि अक्सर आंखों में धुंधलापन जो कि अब किसी भी उम्र का मोहताज नहीं रहा, आंखों में धुंधलापन और जलन अथवा जाला पड़ना अब सामान्य सा हो गया है, आईए जानते हैं कि इसके मुख्य रूप से क्या कारण होते हैं और इसका निदान कैसे किया जाए
1.डायबिटीज: डायबिटीज की वजह से भी आंखें कमजोर हो जाती हैं टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों को डायबिटीज की वजह से होने वाले रोग रेटिनोपैथी से जूझना पड़ता है रेटिनोपैथी की वजह से शरीर में ब्लड शुगर की अधिक मात्रा रेटिना में मौजूद छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से आखों की नजर पर बुरा असर होता है इसकी वजह से आंखों में सूजन और मैक्युला जैसी स्थिति भी बन सकती है। डायबिटीज के रोगियों को अपनी आंखों की जांच साल में कम से कम एक बार जरूर करनी चाहिए।

2.एस्टिग्मेटिज्म: इस तरह की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति की आंखों में मौजूद लेंस और कॉर्निया का आकार गोल दिखाई देता है लेकिन जब किसी कारण से इनका आकार सामान्य से अधिक या कम गोल हो तो आंखों में जाने वाली रोशनी पूर्ण रूप से रेटिना पर केंद्रित नहीं होती है और एस्टिग्मेटिज्म की समस्या पैदा होती है वहीं एस्टिग्मेटिज्म से पीड़ित मरीज को पास और दूर दोनों जगहों की वस्तुएं धुंधली ही दिखाई देती है।

3.हाइपरोपिया: इसको दूर दृष्टि दोष और हाइपरमेट्रोपिया के नाम से भी जाना जाता है इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को दूर की वस्तुएं साफ और नजदीक की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती है हाइपरमेट्रोपिया होने पर आंख में जाने वाली रोशनी रेटिना पर केंद्रित होने के बजाय रेटिना के पीछे केंद्रित होती है, जिसके कारण मरीज को पास की वस्तुएं साफ-साफ दिखाई नहीं देती है।

4.आंखों का संक्रमण: आंखों से जुड़ा संक्रमण होने की वजह से भी नजर कमजोर हो जाती  है या धुंधला दिखने की समस्या से जूझना पड़ ता है आंखों के संक्रमण में कॉर्निया को नुकसान पहुंचता है आंखों के संक्रमण की वजह आंखों में चोट लगना, या फिर लेंस भी हो सकता है। कांटेक्ट लेंस की वजह से भी आंखों में संक्रमण की समस्या देखी गयी है, हर्पस केराटाइटिस हर्पिस वायरस के कारण आंख में संक्रमण होता है आंखों का संक्रमण आंखों की रोशनी और नजर को कमजोर कर देता है।

5. माइग्रेन: माइग्रेन सिरदर्द की भयानक स्थिति मानी गई है माइग्रेन की वजह से आंखों पर गहरा प्रभाव पड़ता है इससे सिर्फ सिर दर्द ही नही बल्कि आखों से जुड़ी कई अन्य समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं माइग्रेन की वजह से ज्यादातर लोगों में आंखों का धुंधलापन या कम दिखने की उच्च रक्तचाप ,हाई ब्लड प्रेशर की वजह से भी आखों की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों में आंखों का धुंधलापन, नजर कमजोर होना जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं समस्या देखी गयी हैं माइग्रेन के दौरान आपकी आंखों में ये समस्याएं हो सकती हैं।

6.आंखों में खिंचाव: आंखों में खिंचाव नजर कमजोर होने या धुंधलापन का कारण हो सकता है किसी भी चीज को ज्यादा देर तक लगातार देखने से आंखों में खिंचाव की समस्या होती है कंप्यूटर, मोबाइल फ़ोन आदि की स्क्रीन पर ज्यादा देर तक लगातार देखने की वजह से या कम रोशनी मे पढ़ने से भी आंखों में खिंचाव महसूस होता है।

आंखों की धुंधलेपन की समस्या को दूर करने के उपाय

1.त्रिफला आई वॉश: नियमित रूप से दिन में दो बार त्रिफला के पानी से आंखें धोएं. त्रिफला आईवॉश आंखों की स्थिति के इलाज और आंखों की रोशनी को बनाए रखने में अविश्वसनीय रूप से प्रभावी है. सूखी आंखें, कंप्यूटर विजन सिंड्रोम, मोतियाबिंद और ग्लूकोमा सभी इस उपचार से बचा जा सकता है।

2.आहार: आंखो की रोशनी के लिए अपने आहार में पालक, मेथी के पत्ते, साग और बथुआ जैसे बहुत सारे फल और सब्जियां शामिल करे आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अच्छे अच्छे आहार का सेवन बहुत जरूरी है।

3. आंखों की सुरक्षा: धूप में जाने से पहले हमेशा आंखों को सुरक्षित रखने के लिए सनग्लासेज लगाने चाहिए ऐसे सनग्लासेज को चुनने की सलाह दी जाती है जो यूवीए और यूवीबी दोनों तरह की लाइट को ब्लॉक कर सकें सनग्लासेज ठंडे और ड्राई मौसम में भी मददगार होते हैं, जब सूरज की किरणें सीधे आंखों पर पड़ती हैं।

4.आंवला: आंवला विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और कई कई अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है  रोजाना 2 से 3 बड़े चम्मच आंवले के रस को गर्म पानी में मिलाकर पीने से आंखों की रोशनी की समस्याएं ठीक होती हैं. स्वस्थ आंखों के लिए इसका रोज सेवन करें।

5.आराम: आंखें बहुत ही सेंसिटिव होती हैं इसलिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है लंबे समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन को देखते रहने से आंखें थक जाती हैं और आंखों में धुंधलापन की समस्या शुरू होने लगती है. इस स्थिति से छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि हर 20 मिनट के बाद करीब 5 मिनट का ब्रेक अवश्य लिया जाए।

 6.म‍िश्री: अगर आपको सुबह उठकर आंख से धुंधला नजर आता है या भारीपन महसूस होता है तो म‍िश्री व सौंफ के म‍िश्रण का सेवन गुनगुने दूध के साथ करें इसे आंखों की ज्‍योत‍ि बढ़ेगी मिश्री का सेवन आंखों के लिए फायदेमंद है।

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