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विटामिन डी क्या है यह कितने प्रकार का होता है और इसकी कमी से कौन से रोग होते हैं

विटामिन डी की कितनी आवश्यकताविटामिन डी क्या है 
विटामिन डी वसा में आसानी से घुलने वाले स्रावी स्टेरॉयड का एक समूह है जिसके अंतर्गत डी1, डी2 और डी 3 आते हैं। विटामिन डी अनेक पोषक तत्व जैसे कि कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फेट आदि को आंतों द्वारा अवशोषित होने में मदद करता है। विटामिन डी की कमी होने पर हड्डियां कमजोर और पतली हो जाती हैं।

विटामिन डी के प्रकार 
विटामिन डी दो प्रकार के होते हैं जिसमें पहला विटामिन डी2 (एग्रो कैल्सी फेरल) और दूसरा विटामिन डी 3 (कॉलेकैल्सिफेरॉल) है।

विटामिन डी2 मनुष्य के शरीर में उत्पादन नहीं होता है, इसे पौधों से प्राप्त किया जाता है। पौधे विटामिन डी2 का उत्पादन सूरज की पराबैंगनी किरणों की उपस्थिति में करते हैं।

मनुष्य के शरीर में विटामिन डी 3 का उत्पादन होता है। इस विटामिन का निर्माण मनुष्य द्वारा सूरज की किरणों से प्रतिक्रिया होने पर होता है। विटामिन डी3 को मछलियों के सेवन और दूसरे भी अन्य खानपान की चीजों से प्राप्त किया जा सकता है।

विटामिन डी की कमी के कारण
अधिकतर समय तक कमरे में रहना
धुप में नहीं निकलना
डेयरी उत्पाद जैसे कि दूध, दही और मक्खन का सेवन कम करना या नहीं करना 
फास्ट फूड्स और कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन करना
नाइट शिफ्ट में काम करना
गर्भवती होना
शाकाहारी लोगों में विटामिन डी की कमी का खतरा अधिक होता है

विटामिन डी की कमी के लक्षण 

 थकान और कमजोरी:- थकान महसूस होना विटामिन डी के मुख्य लक्षणों में से एक है। अगर नींद पूरी होने के बाद भी आपको थकान और कमजोरी महसूस होती है तो यह विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है।

हड्डियों में दर्द:- हड्डियों और खासकर पीठ में दर्द होना विटामिन डी की कमी के लक्षण हैं। कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है, लेकिन विटामिन डी की कमी होने के कारण कैल्शियम शरीर में अब्जॉर्ब नहीं होता है।

घाव ठीक नहीं होना:- शरीर में विटामिन डी कमी होने पर घाव या चोट जल्दी ठीक नहीं होते हैं। साथ ही, विटामिन डी की कमी के कारण जलन और इन्फेक्शन का खतरा भी होता है।

बालों का झड़ना:- कुछ मामलों में विटामिन डी की कमी के कारण बाल झड़ने की समस्या भी सामने आती है। विटामिन डी एक न्यूट्रिएंट है जो हेयर फॉलिकल को बढ़ाता है, लेकिन जब शरीर में इसकी मात्रा कम होती है तो बाल गिरने की समस्या सामने आती है।

मूड में बदलाव आना:- विटामिन डी की कमी होने पर आपके मूड में अचानक बदलाव आ सकता है। कुछ मामलों में आपको अवसाद (डिप्रेशन) भी हो सकता है।

विटामिन डी के उपचार 

धूप यानी सूरज की रौशनी विटामिन डी का सबसे अच्छा और प्राकृतिक स्रोत है। आप धूप से अपने शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा कर सकते हैं। धूप से विटामिन डी पाने के लिए आप रोजाना सुबह कुछ समय तक धूप में बैठ सकते हैं।

अगर आप नॉन-वेज खाने वालों में से हैं तो कुछ ख़ास तरह की मछलियां आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। हेरिंग, टूना, मैकेरल और सैल्मन मछलियों में विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। आप इन मछलियों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

गाय के दूध विटामिन डी और कैल्शियम का बेस्ट स्रोत है। विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए आप रोजाना एक गिलास गाय का दूध पी सकते हैं। इससे काफी फायदा होगा।

दही भी विटामिन डी का एक बढ़िया स्रोत है। यह आपको विटामिन डी प्रदान करने के साथ-साथ आपके शरीर को ठंडा भी रखता है। गर्मी के मौसम में दही पेट के लिए फायदेमंद होता है।

अंडा में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। अंडा की जर्दी में विटामिन डी मौजूद होता है। अगर आप विटामिन डी की कमी को पूरा करना चाहते हैं तो अंडा का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

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